Pages

Tuesday, November 6, 2012

अब माया शासन में बिके चीनी मिलों की जांच ?

संजीब शुक्ला ।। यूपी में मायावती सरकार के कार्यकाल में 21 चीनी मिलों की बिक्री की जांच लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा करेंगे। अखिलेश कैबिनेट ने मंगलवार को इस पर अपनी मंजूरी दे दी है।

वहीं, प्रदेश से चावल के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश चावल निर्यात नीति-2012 लागू किए जाने का फैसला लिया है। इटावा-मैनपुरी मार्ग को चार लेन बनाने के फैसले को भी कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है तो गन्ना मूल्य को जल्द तय करने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है।

अखिलेश सरकार कैबिनेट की बैठक में दूसरे प्रदेशों से अस्थाई टूरिस्ट परमिट लेकर प्रदेश में आने वाले सार्वजनिक वाहनों से त्रैमासिक टैक्स जमा कराने की मंजूरी दे दी है तो लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं को नए स्वरुप में लागू करने के लिए नीति निर्धारित तय कर दी हैं।कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सचिवालय अधीनस्थ सेवा नियमावली 1999 में नवें संशोधन को भी मंजूर कर लिया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चल रही कृषि परियोजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली सब्सिडी की राशि संख्या एवं पात्रता में छूट प्रदान करने के लिए सीएम को अधिकृत किया है।

100 से ज्‍यादा एसएमएस पर वसूले पर जाएंगे एक्‍स्‍ट्रा

संजीब शुक्ला : अनचाहे एसएमएस से बचाने और इनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए दूरसंचार नियामक (ट्राई) सख्त हुआ है। इसके तहत ट्राई ने एक सिम कार्ड से रियायती दरों पर रोज अधिकतम 100 एसएमएस की सीमा तय की है। इसके बाद ऑपरेटरों को हर एसएमएस के लिए न्यूनतम 50 पैसे वसूलने को कहा है। नए नियम 15 दिन में लागू हो जाएंगे।

ट्राई के उपभोक्ता मामलों के प्रमुख सलाहकार परमेश्वरन ने सोमवार को यह जानकारी दी। टेलीकॉम ऑपरेटरों से चर्चा के बाद अनचाहे और कारोबारी एसएमएस से ग्राहकों बचाने के उपाय किए हैं। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों में पहले से लागू हैं।

बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगी मोबाइल सिम

अब सिम कार्ड खरीदने के लिए आपको खुद दुकानदार के पास जाना होगा। आपके नाम पर कोई और व्यक्ति आपका सिम नहीं ले सकता है। फॉर्म पर जो फोटो लगेगी, उससे खरीददार का मिलान करने के बाद ही सिम जारी होगी। प्रीपेड व पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन लेने वालों के लिए अब नियम कड़े कर दिए गए हैं। इस वीकेंड से मोबाइल कनेक्शन लेने वालों का सत्यापन जरूरी हो जाएगा। फर्जी कागजात जमा कराने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल कनेक्शन जारी करने के बारे में दूरसंचार विभाग के कड़े नियम नौ नवंबर से प्रभावी हो जाएंगे। कनेक्शन लेते समय आधी-अधूरी जानकारी देने के लिए अब मोबाइल ऑपरेटर कंपनी को जिम्मेदार माना जाएगा।

नए नियमों के मुताबिक सिम कार्ड बेचने वाले अधिकृत विक्रेता को एक हलफनामा देना होगा कि उसने आवेदक को देखा है और आवेदन फॉर्म की फोटो को मिला लिया है। इसके अलावा विक्रेता को आवेदन के साथ जमा कराए जाने वाले पते व पहचान पत्र की प्रतियों को मूल दस्तावेजों से मिलाना होगा। अगर कोई ग्राहक मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा कराता है तो रिटेलर व फ्रेंचाइजी को पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराकर 15 दिन के अंदर ऑपरेटर को इसकी जानकारी देनी होगी।

नए नियम के मुताबिक अब यह भी आवश्यक है कि सिम को एक्टिवेट करने के पहले ऑपरेटर कंपनी आवेदन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर यह प्रमाणित करे कि फॉर्म में दी गई सभी जानकारियां सही हैं। सिम की बिक्री व एक्टिवेशन की तिथि उपभोक्ता आवेदन फॉर्म पर दर्ज होनी चाहिए। यह तिथि लिखते समय उपभोक्ता के हस्ताक्षर भी लेने होंगे। ऑपरेटर अपने अधिकृत विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकता है यदि उसने सिम ऐसे व्यक्ति को बेच दिए, जिसने किसी और के दस्तावेज जमाकर वह सिम खरीदी है। लेकिन विक्रेता व उपभोक्ता किसी से भी भूल होने पर ऑपरेटर ही जिम्मेदार होगा। जीएसएम इंडस्ट्री के संगठन सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा है कि वे इन दिशा-निर्देशों को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।